
Madhavi Puri Buch SEBI News : लोकपाल ने पूर्व सेबी अध्यक्ष माधवी पुरी बुच को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के बाद क्लीन चिट दे दी है।
न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय लोकपाल पीठ ने कहा है कि माधबी पुरी बुच के खिलाफ आरोप महज अटकलों पर आधारित हैं, जिनके लिए कोई ठोस सबूत नहीं हैं। उनके खिलाफ शिकायत हिंडनबर्ग रिसर्च रिपोर्ट पर आधारित थी, लेकिन यह रिपोर्ट कार्रवाई करने के लिए अपर्याप्त है। उनके खिलाफ जांच का आदेश देने के लिए कोई सबूत नहीं है।
Madhavi Puri Buch के अडानी समूह के साथ अवैध वित्तीय संबंध
इस मामले का विवरण यह है कि हिंडनबर्ग रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि पूर्व सेबी अध्यक्ष Madhavi Puri Buch के अडानी समूह के साथ अवैध वित्तीय संबंध थे। आरोप लगाया गया कि सेबी में माधबी पुरी बुच का कार्यकाल 28 फरवरी, 2025 तक था। इस दौरान उन्होंने आईपीओ, स्टॉक और एफएंडओ से जुड़े कई नियम लागू किए।
Madhavi Puri Buch के खिलाफ हिंडेनबर्ग की रिपोर्ट
इस दौरान अमेरिकी शॉर्ट सेलर कंपनी हिंडबर्ग द्वारा अडानी ग्रुप पर एक रिपोर्ट जारी की गई। इसके बाद कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट आई। इस घटना के तुरंत बाद हिंडेनबर्ग ने Madhavi Puri Buch के खिलाफ एक रिपोर्ट जारी की, जिसमें उन पर भ्रष्टाचार और अडानी समूह के साथ अवैध वित्तीय संबंधों का आरोप लगाया गया। 10 अगस्त 2024 को हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सेबी चेयरमैन माधवी पुरी बुच और उनके पति की अडानी ग्रुप के विदेशी फंड में हिस्सेदारी है। सेबी और अडानी समूह के बीच अवैध वित्तीय संबंध हैं।
रिटायर्ड है Madhavi Puri Buch
इन आरोपों का Madhavi Puri Buch और उनके पति धवल बुच ने खंडन किया। उल्लेखनीय है कि माधबी पुरी बुच 2017 में सेबी में शामिल हुईं और मार्च 2022 में सेबी की अध्यक्ष बनीं। अब वह इस पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं और वर्तमान में यह पद तुहिन कांत पांडे के पास है।