इनकम टैक्स में सबसे बड़ा बदलाव! अब बदलेगा कानून, टैक्सपेयर्स को मिलेगी बड़ी राहत

ITR Refund : CBDT के प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जनवरी 2026 तक सिंपलीफाइड इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत आईटीआर फॉर्म और नियमों को नोटिफाई कर देगा। इससे हमारे देश में टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी।\

ITR Refund: अगले वित्त वर्ष 1 अप्रैल 2026 से देश में पूरी तरह से नया आयकर कानून लागू हो जाएगा। सीधे शब्दों में कहें तो टैक्स व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव हो रहा है।

सीबीडीटी प्रमुख ने कहा कि सभी आईटीआर फॉर्म, तिमाही टीडीएस रिटर्न और अन्य फॉर्म को इस समय नए सिरे से डिज़ाइन किया जा रहा है। डायरेक्टरेट ऑफ सिस्टम का टैक्स पॉलिसी डिविजन, दोनों मिलकर काम कर रहे हैं। संभावना है कि जनवरी 2026 तक सभी फॉर्म और नियम तैयार हो जाएँगे। इससे टैक्सपेयर्स (ITR Refund) को अपने सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं में बदलाव करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा। नए फॉर्म विधि विभाग से मंज़ूरी मिलने के बाद जारी किए जाएँगे और संसद में रखे जाएँगे।

1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया कानून

Income Tax

इनकम टैक्स एक्ट 2025 (New Income Tax ) अगले वित्त वर्ष 2026-27 (एक अप्रैल 2026) से देशभर में लागू हो जाएगा।

भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले (India International Trade Fair – IITF) में टैक्सपेयर्स के ‘लाउंज’ का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में CBDT प्रमुख रवि अग्रवाल ने कहा, ‘‘ फिलहाल फॉर्म और नियम तैयार करने की प्रक्रिया जारी हैं। हम जल्द ही जनवरी तक इन्हें लागू करने के लिए काम कर रहे हैं। ताकि टैक्सपेयर्स को अपनी सिस्टम के दौरान ही प्रक्रियाओं को सुधार करने के लिए उचित समय मिल पाएं।’’

नए ITR Refund कानून की खास बात

खास बात यह है कि पुराने आयकर अधिनियम, 1961 में 819 धाराएँ थीं, जिन्हें अब नए कानून में घटाकर सिर्फ़ 536 कर दिया गया है। इसके अलावा, अध्याय 47 से घटाकर 23 कर दिए गए हैं। अब सबसे खास बात यह है कि शब्दों की संख्या 5.12 लाख से घटाकर 2.6 लाख कर दी गई है। संक्षेप में, पुरानी, जटिल भाषा और बेकार प्रावधानों को हटा दिया गया है।

नए ITR Refund कानून में 39 नए टेबल और 40 नए फॉर्मूला शामिल हैं, जिससे लंबे पैराग्राफ पढ़ने के बजाय एक नज़र में समझना आसान हो जाता है कि क्या करना है। सौभाग्य से, कोई नई कर दरें नहीं बढ़ाई गई हैं; केवल भाषा और संरचना को सरल बनाया गया है।

टैक्सपेयर्स के लिए बड़ी राहत

यह टैक्सपेयर्स (New Income Tax) के लिए बड़ी राहत की बात है, क्योंकि अब फॉर्म भरना पहले जितना मुश्किल नहीं होगा। विभाग का दावा है कि नया कानून आम आदमी की भाषा में लिखा होगा और समझने में आसान होगा।

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