आपातकालीन स्थिति में पायलट क्यों कहता है मेडे? क्या आप जानते हैं इन MayDay Call का मतलब
MayDay Call: जब किसी फ्लाइट में आपातकालीन स्थिति पैदा होती है, तो पायलट मेडे शब्द का इस्तेमाल करता है। आइए जानें कि पायलट किस स्थिति में ये शब्द बोलता है और इनका क्या मतलब होता है।
What is a Mayday call : अहमदाबाद में लंदन जा रहा एयर इंडिया का विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है, जिसमें चालक दल समेत 242 लोग सवार थे। इस घटना के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस दुर्घटना के साथ ही विमान से जुड़ी अहम जानकारियां सामने आई हैं। इनमें से एक पायलट द्वारा किया गया MayDay Call है।
अहमदाबाद विमान दुर्घटना में एयर इंडिया के पायलट सुमीत सभरवाल और सह-पायलट क्लाइव कुंदर ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को “मेडे” कॉल जारी किया, क्योंकि विमान 625 फीट की ऊंचाई पर पहुंचने के तुरंत बाद -475 फीट प्रति मिनट की गति से अचानक नीचे उतरने लगा।
MayDay Call क्या है

“मेडे” शब्द का इस्तेमाल पायलट आपातकालीन समय में करते हैं। यह शब्द (What is a Mayday call)
एक फ्रेंच शब्द का अंग्रेजी रूप है जिसका शाब्दिक अर्थ है “मेरी मदद करो”। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले पायलट ने एटीसी को यह संकेत दिया था।
MayDay Call से खतरे की आशंका
अहमदाबाद से लंदन जा रहा एक विमान उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के वक्त विमान में 242 लोग सवार थे। विमान के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक, हादसे से पहले विमान के पायलट की तरफ से पास के एटीसी को सिग्नल भेजा गया था। जिसमें खतरे की आशंका जताई गई थी। इसके कुछ ही सेकंड बाद विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
कब किया जाता है MayDay Call शब्द का प्रयोग

किसी भी फ्लाइट में मेडे कॉल होता है, जो एक इमेरजैंसी मेसेज होता है। यह संदेश पायलट द्वारा तब दिया जाता है जब विमान खतरे में होता है, जैसे कि अगर विमान का इंजन फेल हो जाए, विमान में आग लग जाए, बीच हवा में टक्कर का खतरा हो या यात्रियों या चालक दल के सदस्यों की जान को खतरा हो। इस संदेश के ज़रिए पायलट ट्रैफ़िक कंट्रोल और आस-पास के विमानों को सचेत करता है कि उन्हें मदद की ज़रूरत है।
तीन बार होता है MayDay Call
इसके अलावा जब विमान खतरे में होता है और सभी यात्रियों की जान खतरे में होती है या पायलट के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है, तो वह एयरपोर्ट सेंटर पर डिस्ट्रेस कॉल करता है। कॉल कनेक्ट होते ही पायलट तीन बार मेडे शब्द बोलता है। ताकि कॉल रिसीव करने वाला व्यक्ति सतर्क हो जाए और आगे की जानकारी को ध्यान से सुने। मेडे शब्द का इस्तेमाल 1920 से इमरजेंसी में किया जाने लगा। इस शब्द का पहली बार इस्तेमाल लंदन के क्रॉयडन एयरपोर्ट पर एक वरिष्ठ रेडियो अधिकारी ने किया था।


