लगातार तीन रातों तक Insufficient Sleep से बढ़ सकता है हृदय रोग का खतरा : रिसर्च

Insufficient Sleep Impact Your Heart : शोध से यह भी स्पष्ट हो गया कि सिर्फ पर्याप्त नींद लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि आप अपनी नींद का समय नियमित नहीं रखेंगे तो हृदय रोग का खतरा कम नहीं होगा।

Insufficient Sleep Impact Your Heart: नियमित नींद और अच्छी नींद न केवल शरीर को आराम प्रदान करने तक सीमित है बल्कि हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है। एक हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि अगर आप रोजाना एक ही समय पर सोने और जागने की आदत नहीं रखते हैं, तो दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा 26% तक बढ़ सकता है।बहुत से लोग देर तक जागना एक उपलब्धि समझते हैं। एक नए रिसर्च से पता चला है कि देर रात तक जागना कई बीमारियों को अप्रत्यक्ष रूप से निमंत्रण देना है।

नींद की कमी से रक्त में कई परिवर्तन

स्वीडन के उप्साला युनिवर्सिटी ( Insufficient Sleep Impact Your Heart) के एक अध्ययन के अनुसार, लगातार तीन दिनों तक रात में चार घंटे से कम सोने से रक्त में कई परिवर्तन होते हैं। जिसके कारण हृदय रोग की समस्या बढ़ जाती है। अध्ययन प्रोटीन पर केंद्रित था। जब शरीर तनाव में होता है तो ये अणु रोग से लड़ते हैं।

शोध से यह भी स्पष्ट हो गया कि सिर्फ पर्याप्त नींद लेना ही पर्याप्त नहीं है। यदि आप अपनी नींद का समय नियमित नहीं रखेंगे तो हृदय रोग का खतरा कम नहीं होगा।

15 स्वस्थ युवा पुरुषों पर विभिन्न परीक्षण

इस रिसर्च के लिए 15 स्वस्थ युवा पुरुषों को प्रयोगशाला में रखा गया।

इन युवकों को तीन दिनों तक 8.5 घंटे की उचित नींद और तीन दिनों तक 4.25 घंटे की नींद दी गई। प्रत्येक प्रयोग के अंत में उन्हें साइकिल चलाने का अभ्यास कराया गया। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट में हृदय रोग विकसित होने की संभावना सामने आई।

Insufficient Sleep के खतरनाक परिणाम

Insufficient Sleep के कारण शरीर की 24 घंटे की जैविक घड़ी (सर्केडियन रिदम) असंतुलित हो जाती है। यह घड़ी न केवल चयापचय बल्कि हार्मोनल गतिविधि को भी नियंत्रित करती है। इसकी गड़बड़ी से दिल का दौरा, स्ट्रोक, मधुमेह और मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है।

Insufficient Sleep में सुधार कैसे करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित नींद के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं।

– एक ही समय पर सोना और जागना।

– सोने से पहले स्क्रीन जैसे मोबाइल, लैपटॉप का समय कम करें।

– रात को हल्का भोजन लें और कैफीन से बचें।

– अपने सोने का वातावरण शांत और अंधेरा रखें।

– सोने से पहले पढ़ने या ध्यान करने की आदत डालें।

Disclaimer : यहां दी गई जानकारी केवल अटकलों और सूचना पर आधारित है। इसलिए, यहां यह उल्लेख करना महत्वपूर्ण है कि हम ऐसी किसी भी जानकारी की पुष्टि नहीं करते है। किसी भी जानकारी या विश्वास पर अमल करने से पहले उसके बारे में अतिरिक्त जानकारी प्राप्त करना तथा रिलेटेड एक्सपर्ट से सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

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