भारतीय रेलवे की अनूठी पहल, स्लीपर कोच के यात्रियों को किराए पर मिलेंगे चादर और तकिए, जानें कीमत
Indian Railways Bedroll Service : यह सेवा नॉन-एसी कोचों में भी 'ऑन-डिमांड और ऑन-पेमेंट' के आधार पर उपलब्ध होगी। यानी यात्रियों को मौके पर ही पेमेंट करके ऑन-डिमांड बेडरोल मिल जाएगा।
Indian Railways Bedroll Service in Sleeper Coaches : रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। अब ट्रेन के स्लीपर कोच में सफर करने वाले यात्रियों को भी एसी कोच के यात्रियों की तरह बेडरोल की सुविधा मिलेगी। अगर आप स्लीपर कोच में सफर कर रहे हैं, तो भी अब आपको Indian Railways Bedroll Service के तहत बेडशीट, तकिया और तकिये के कवर जैसी चीजें मिलेंगी। ये बेडरोल पूरी तरह से साफ, सैनिटाइज और इस्तेमाल के लिए तैयार होंगे। अभी तक यह सेवा केवल थर्ड एसी (3AC), सेकंड एसी (2AC) और फर्स्ट क्लास जैसे एसी कोच में ही दी जाती थी।
कब शुरू होगी Indian Railways Bedroll Service

यह सेवा नॉन-एसी कोचों में भी ‘ऑन-डिमांड और ऑन-पेमेंट’ के आधार पर उपलब्ध होगी। यानी यात्रियों को मौके पर ही भुगतान करके ऑन-डिमांड बेडरोल मिल जाएगा। दक्षिण रेलवे ने घोषणा की है कि यह सैनिटाइज्ड और रेडी-टू-यूज़ बेडरोल सेवा 1 जनवरी, 2026 ( Indian Railways Bedroll Service) से चेन्नई डिवीजन की चुनिंदा ट्रेनों में शुरू की जाएगी। चेन्नई डिवीजन ने 2023-24 में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस सेवा की शुरुआत की थी और यात्रियों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बाद अब इसे स्थायी गैर-किराया राजस्व सेवा के रूप में लागू किया जा रहा है।
प्राइसिंग और अन्य डीटेल्स

यात्री (Indian Railways Bedroll Service price) को चादर के लिए 20 रुपये, तकिये और तकिये के कवर के लिए 30 रुपये और दोनों के लिए 50 रुपये देने होंगे। शुरुआती चरण में यह सुविधा चेन्नई मंडल की 10 ट्रेनों में उपलब्ध कराई जाएगी। इस सेवा (How to Book IRCTC Bedroll ) के मेनेजमेंट के लिए बेड रोल की खरीद, मशीन धुलाई, पैकिंग, लोडिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और स्टोरेज का पूरा मेनेजमेंट एक लाइसेंस प्राप्त एजेंसी द्वारा किया जाएगा। एजेंसी तीन वर्षों की अवधि के लिए रेलवे को 28,27,653 रुपये का वार्षिक लाइसेंस शुल्क अदा करेगी।



