मोबाइल फोन से छेड़छाड़ पड़ेगी महंगी, हो सकती है 3 साल की जेल और 50 लाख रुपये का जुर्माना
What is IMEI number : टेलीकम्युनिकेशंस विभाग ने सभी निर्माताओं, ब्रांड मालिकों, आयातकों और विक्रेताओं को जारी अपने परामर्श में कहा है कि मोबाइल फोन के 15 अंकों वाले IMEI (International Mobile Equipment Identity) नंबर सहित टेलीकम्युनिकेशन आईडेंटिफिकेशंस संबंधी मामलों के साथ छेड़छाड़ करना गैर-जमानती अपराध है।
What is IMEI number : अगर आप सोचते हैं कि मोबाइल फोन आपके ही पैसों से खरीदा गया है और आपकी संपत्ति है, तो यह बहुत बड़ी भूल है। भले ही आप मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हों, लेकिन अगर आप उसकी पहचान से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते हैं, तो दूरसंचार विभाग आपको कार्रवाई के दायरे में ला सकता है।
अगर आप सोचते हैं कि आपने अपने पैसों से मोबाइल फ़ोन खरीदा है और वो आपकी संपत्ति है, तो ये आपकी बहुत बड़ी भूल है। अगर आप मोबाइल फ़ोन इस्तेमाल भी कर रहे हैं, तो भी अगर आप उसकी पहचान से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करते हैं, तो दूरसंचार विभाग (DoT) आपको कार्रवाई के दायरे में ला सकता है। दूरसंचार अधिनियम 2023 ( Telecommunications Act 2023) के अनुसार, आपके मोबाइल फ़ोन के IMEI (What is IMEI number) नंबर से किसी भी तरह की छेड़छाड़ करने पर 3 साल तक की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
कठोर सजा का प्रावधान क्यों?

टेलीकम्युनिकेशंस विभाग ने सभी निर्माताओं, ब्रांड मालिकों, आयातकों और विक्रेताओं को जारी अपने परामर्श में कहा है कि मोबाइल फोन के 15 अंकों वाले IMEI (International Mobile Equipment Identity) नंबर सहित टेलीकम्युनिकेशन आईडेंटिफिकेशंस संबंधी मामलों के साथ छेड़छाड़ करना गैर-जमानती अपराध है।
दंड का प्रावधानिस प्रकार है कि उल्लंघन करने पर तीन वर्ष तक का कारावास, 50 लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।
कारण: दूरसंचार पहचान (या IMEI) से छेड़छाड़ कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अपराधियों पर नज़र रखना चुनौतीपूर्ण बना देती है। इसीलिए इसे गैर-ज़मानती अपराध की श्रेणी में रखा गया है।
IMEI नंबर का क्या कार्य है?
टेलीकम्युनिकेशंस नेटवर्क को सुरक्षित करने और नकली उपकरणों को रोकने के लिए, भारतसरकार की ओर सेदूरसंचार अधिनियम 2023 और टेलीकम्युनिकेशन साइबर सिक्योरिटी नियम, 2024 (Telecommunication Cyber Security Rules, 2024) के तहत अंतर्राष्ट्रीय मोबाइल उपकरण पहचान (IMEI) रजिस्ट्रेशन पर सख्त नियम लागू किए गए हैं और छेड़छाड़ पर रोक लगाई गई है।
अपराध: दूरसंचार अधिनियम 2023 के अनुसार, जानबूझकर किसी भी रेडियो उपकरण जैसे मोबाइल हैंडसेट, मॉडेम, मॉड्यूल, सिम बॉक्स आदि को अपने पास रखना अपराध है, जिसमें अनधिकृत या छेड़छाड़ की गई टेलीकम्युनिकेशन आईडेंटिफिकेशन का उपयोग किया गया हो।
कब उत्पन्न हो सकती हैं समस्याएँ?

ये अपराध अधिनियम की धारा 42(7) के अंतर्गत Cognizable और गैर-जमानती अपराध हैं। धारा 42(6) ऐसे अपराधों को प्रोत्साहित करने या सहायता करने वालों के लिए समान दंड का प्रावधान करती है। दूरसंचार साइबर सुरक्षा नियम, 2024, किसी भी व्यक्ति को किसी विशिष्ट दूरसंचार उपकरण पहचान संख्या को जानबूझकर हटाने, मिटाने, बदलने या संशोधित करने या दूरसंचार पहचानकर्ता या दूरसंचार उपकरण से संबद्ध किसी भी हार्डवेयर या सॉफ़्टवेयर के उपयोग, निर्माण, परिवहन, नियंत्रण या कब्जे से प्रतिबंधित करता है। टेलीकम्युनिकेशन डिपार्मेंट के अनुसार, प्रोग्रामेबल IMEI क्षमता वाले डिवाइसेज का उपयोग करना भी IMEI से छेड़छाड़ के समान है और यह कानूनी प्रावधानों के अधीन होगा।
सावधानीपूर्वक उपयोग करें
दूरसंचार नियमों के अनुसार, इंपॉर्टेंरस के लिए किसी भी डिवाइसेज (जैसे मोबाइल हैंडसेट, मॉड्यूल, मॉडेम, सिम बॉक्स, आदि) को बिक्री, परीक्षण, अनुसंधान और विकास या किसी अन्य उद्देश्य के लिए भारत में IMEI के साथ आयात करने से पहले डिवाइस सेतु (भारतीय नकली उपकरण रोकथाम (ICDR) पोर्टल) पर IMEI नंबर रजिस्टर्ड करना अनिवार्य है।
सख्त नियमों के पीछे का उद्देश्य

दूरसंचार विभाग ने ज़ोर देकर कहा है कि ये नियम टेलीकम्युनिकेशन साइबर सिक्योरिटी बनाए रखने, धोखाधड़ी रोकने, कानून प्रवर्तन को सुगम बनाने और उचित कर संग्रह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। ये कड़े नियम भारत के दूरसंचार बुनियादी ढांचे को नकली और छेड़छाड़ किए गए डिवाइसेज से सुरक्षित रखते हैं।



