मगरमच्छ से पिता की जान बचाने वाले बहादुर बेटे को राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय बाल पुरस्कार
Who is Ajay Raj: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Ajay Raj को उनके साहसिक कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, 'उन्होंने अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और अद्भुत धैर्य का प्रदर्शन किया है। पूरा उत्तर प्रदेश राज्य इस नन्हे योद्धा पर गर्व करता है।
Who is Ajay Raj: अजय राज के साहस को सलाम, जिसने अपने पिता को मगरमच्छ से बचाया। वह जानता था कि मगरमच्छ उससे कहीं अधिक शक्तिशाली है। चंबल नदी में मगरमच्छ पलक झपकते ही उसे और उसके पिता को निगल सकता था। लेकिन उसने साहस के साथ-साथ बुद्धिमत्ता भी दिखाई। उसने पहले मुंह पर और फिर दोनों आंखों पर लाठी से 12 से 15 बार प्रहार किया।
मगरमच्छ से पिता की जान बचाने वाला बहादुर बेटा
Ajay Raj की इस बहादुरी के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को नई दिल्ली में उन्हें प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2025 (वीरता श्रेणी) से सम्मानित किया। अजय को यह पुरस्कार 25 जुलाई को मगरमच्छ के हमले से अपने पिता की जान बचाने के लिए मिला है। पुरस्कार में एक पदक, प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये शामिल हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजय को पुरस्कार जीतने पर बधाई दी।
क्या थी घटना
जरनापुरा, बसौनी बह निवासी वीरभान उर्फ बंतु 25 जुलाई, 2025 को दोपहर 2 बजे चंबल नदी के किनारे बकरियां चरा रहे थे। उनका 10 वर्षीय बेटा अजय राज भी उनके साथ था। वीरभान पानी की बोतल भरने के लिए नदी में गए। इसी दौरान एक मगरमच्छ ने वीरभान का दाहिना पैर पकड़ लिया और उन्हें गहरे पानी की ओर खींचने लगा। अपने पिता की आवाज सुनकर अजयराज एक लाठी लेकर नदी में कूद गया। पहले उसने लाठी से मगरमच्छ के मुंह पर दस बार प्रहार किया। लेकिन जब मगरमच्छ की पकड़ ढीली नहीं हुई, तो अजय ने अपनी चतुराई दिखाते हुए उसकी आंखों पर पांच बार वार किया। आंखों पर हुए इस हमले से मगरमच्छ डर गया और अपने पैर छोड़कर भाग गया।
अजय की बहादुरी की खूब सराहना
अजय ने अपने पिता का सहारा लिया और नदी से बाहर निकल आया। अजय की बहादुरी की खूब सराहना हुई। जिला प्रशासन ने अगस्त में अजय का नाम प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए भेजा। पोर्टल पर भरे गए आवेदन की जाँच की गई और फिर शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अजय राज को सम्मानित किया। Ajay Raj की बहादुरी की कहानी भी सुनाई गई। अजय ने बताया कि वह सिर्फ अपने पिता को बचाना चाहता था। उसने अपने पिता को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किया। उसने लाठियों से मगरमच्छ की आंख पर वार किया। आंख में चोट लगने के बाद मगरमच्छ भाग गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Ajay Raj को उनके साहसिक कार्य के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने अदम्य साहस, बुद्धिमत्ता और अद्भुत धैर्य का प्रदर्शन किया है। पूरा उत्तर प्रदेश राज्य इस नन्हे योद्धा पर गर्व करता है। उनका साहस देशभर के बच्चों के लिए प्रेरणा है।’ मुख्यमंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की।
जानें Who is Ajay Raj

अजय राज (Who is Ajay Raj) कुंवरखेड़ा प्राथमिक विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र है। अजय को पुरस्कार मिलने के बाद पूरे गांव में उत्सव का माहौल है। लोग अजय और वीरभान को पुरस्कार मिलने पर बधाई देने के लिए उनके पास आ रहे हैं। अजय की माता आरती देवी का छह साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। अजय की एक बड़ी बहन काजल और एक छोटा भाई कुशल है। भाई-बहन अजय के साहसी कार्य पर गर्व करते हैं।
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने अजय राज को बधाई देते हुए कहा, ‘आगरा के बलवीर अजय राज को हार्दिक बधाई। अजय का साहस देशभर के बच्चों के लिए प्रेरणा है। उनकी जितनी प्रशंसा की जाए, वे उतने ही कम के पात्र हैं। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।’


